Feb 19, 2021

Jasoosi Kahani : मास्क || Baccho ki Kahani || Jasusi Kahani

Jasoosi Kahani, Jasusi Kahani,  Baccho ki Kahani



Jasoosi Kahani : Baccho ki Kahani मास्क Jasusi Kahani

मड आईलैंड में एक दिन बिल्लू बंदर मास्क बेचने आया. उसके पास बिल्ली, बंदर, हाथी, शेर, चीता सभी जानवरों के चेहरे वाले तरह-तरह के मास्क थे.
मड आईलैंड में छोटे-बड़े सभी जानवर अपने में मस्त थे. 
कोई खेल रहा था, तो कोई खा रहा था, कोई रेत मंे सो रहा था, तो कोई बैठकर खेलते हुए बच्चों को देखकर खुश हो रहा था.
मास्क देखने व खरीदने में किसी को दिलचस्पी नहीं थी. 
शाम हो गई बिल्लू के एक भी मास्क नहीं बिके. वह निराश होकर घर लौटने लगा.
रास्ते में जंपी सियार ने बिल्लू बंदर को जाते हुए देखा. जंपी सियार चोर था. वह काम-धाम कुछ करता नहीं था. आएं दिन किसी न किसी घर में चोरी करके अपना गुजारा करता था. 



उसने बिल्लू को अपने पास बुलाया और एक-एक करके सभी मास्को को उलट-पलट कर देखने लगा. मास्क देखते हुए उसने सोचा, ‘यदि में इन मास्कांे को लगाकर चोरी करूंगा तो कोई भी मुझे नहीं पहचान पाएगा.’ 
यह विचार आते ही उसने बिल्लू से कहा, ‘‘इन सभी मास्क का कितना लोगे?’’
बिल्लू ने सभी मास्क का हिसाब करते हुए कहा, ‘‘पांच सौ रूपये दे देना.’’
‘‘यह तो बहुत ज्यादा है.’’ कहते हुए जंपी मोलभाव करने लगा. 
बिल्लू भी ग्राहक को हाथ से नहीं जाने देना चाहता था, क्योंकि सुबह से उसके एक भी मास्क नहीं बिके थे. आखिर में  450 रूपये में सभी मास्क की कीमत तय हो गई. 
जंपी ने रूपये देकर सारे मास्क खरीद लिये.
बिल्लू खुशी-खुशी अपने घर चला गया. 
कुछ दिनों से मड आईलैंड में चोरी की घटनाएं बढ़ गई. वहां का इंस्पेक्टर ब्लैकी भालू परेशान हो गया. उसकी समझ में नहीं आ रहा था, आखिर चोरियां कौन कर रहा है?
उसने पुलिस की चैकसी पहले से बढ़ा दी. इसके बावजूद लगातार चोरिया हो रही थी.
ब्लैकी चोरी की घटनाओं से परेशान था. उसे अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं मिला था जिससे कुछ पता चल सकें. वह अभी-अभी ब्जंगल का चक्कर लगाकर आया था. 



तभी मिनी हिरनी रोते हुए वहां आयी. उसने कहा, ‘‘मेरे घर पर चोरी हो गई.’’
ब्लैकी भालू ने हैरानी से पूछा, ‘‘तुमने चोर को देखा है?’’
मिनी बोली, ‘‘हां मैंने चोर को भागते हुए देखा हैं.’’
‘‘कैसा दिखता हैं वह?’’ ब्लैकी ने पूछा.
‘‘बहुत ही भयानक.... उसका आधा शरीर बंदर जैसा और आधा सियार जैसा था.’’
इतने में जिब्राल जिराफ ब्लैकी के पास आकर बोला, ‘‘मेरे घर में चोरी हो गई है. मैं अपने घर की रखवाली कर था. लेकिन बैठे-बैठे मेरी आंख लग गई. तभी किसी चीज के गिरने की आवाज से मेरी आंख खुल गई. मैंने चोर को दीवार फांद कर जाते हुए देखा है. चोर की आकृति देखकर मुझे हैरानी हुई क्योंकि उसका चेहरा शेर जैसा था लेकिन शरीर का अन्य हिस्सा सियार की तरह था.’’



ब्लैकी समझ गया कि इन सभी चोरियों के पीछे किसी एक ही जानवर का हाथ है. क्योंकि मिनी हिरनी और जिब्राल जिराफ द्वारा चोर की जो आकृति बताई गई थी उसमें एक बात कामन थी कि उसका आधा हिस्सा सियार जैसा था. इसका मतलब वह जरूर मास्क लगाता है.
एक दो दिन की भाग दौंड के बाद ब्लैकी ने मड आईलैंड में मास्क बेचने वाले बिल्लू बंदर को ढुढ़ लिया. 
पुलिस को देखकर बिल्लू डर गया. उसने कहा, ‘‘साब, मैंने क्या किया हैं? आप मुझे क्यों पकड़ रहे हो?’’
ब्लैकी ने उसे चुप कराते हुए कहा, ‘‘तुमने कुछ नहीं किया है. तुम्हारे मास्क तो बहुत सुन्दर हैं. बस, हमंे तो यह पूछना है कि कुछ दिन पहले तुमसे किसने-किसने मास्क खरीदे थे.’’
यह सुनकर बिल्लू का डर कम हो गया. उसने याद करते हुए कहा, ‘‘चीकू खरगोश, चुन्नु चूहा, काला कौवा, और ..... हां, कुछ दिन पहले एक सियार ने मुझसे बहुत सारे मास्क खरीदे थे.’’
ब्लैकी ने कहा, ‘‘अच्छा अब वह दोबारा तुम्हें दिखे तो मुझे जरूर फोन करना.’’ 
ब्लैकी भालू ने बिल्लू के बताएं अनुसार सियार को ढुढ़ना शुरू किया. 
एक दिन बिल्लू ने ब्लैकी भालू को सूचना देते हुए कहा, ‘‘साब, मैंने अभी-अभी उसी सियार को ताल होटल के अंदर जाते हुए देखा है.’’
सूचना मिलते ही ब्लैकी भालू अपने दल के साथ ताल होटल पहुंचा. वहां उसने जंपी सियार को एक कोने में बैठे हुए देखा.
ब्लैकी भालू जंपी को पकड़ते हुए बोला, ‘‘तुम्हें चोरी के जुर्म में गिरफ्तार किया जाता हैं. हमारे साथ पुलिस स्टेशन चलो.’’
पुलिस को सामने देखकर जंपी बोला, ‘‘मैंने कोई चोरी नहीं की है. तुम मुझे जानते नहीं हो, मैं कौन हूं?’’ 
ब्लैकी भालू ने अपना डंडा दिखाते हुए कहा, ‘‘देखों सही-सही बता दो, वर्ना पुलिस के डंडे बरसेगें तो होश ठिकाने आ जाएगें.’’
‘‘मेरी पहुंच ऊपर तक है. तुमने मूझे हाथ भी लगाया तो सब को अंदर करवा दूंगा।’’ जंपी सियार ने गुर्राते हुए कहा.
जंपी की बात सुनकर इंस्पेक्टर ब्लैकी भालू भी परेशान हो गया कि अब क्या करें? लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी. जंपी को दो डंडे मारते हुए बोला, ‘‘मैं भी देखता हूं तेरी कितनी ऊंची पहुंच हैं.’’
डंडे की मार पड़ते ही जंपी मीमीयाने लगा. उसने कहां, ‘‘मैंने कुछ नहीं किया है.’’
तभी बिल्लू उसके सामने आ गया. उसने कहा, ‘‘साब, इसी ने उस दिन सारे मास्क खरीदे थे.’’
जंपी के घर की तलाशी लेने पर ब्लैकी को उसके घर से मास्क और चोरी का समान मिल गया.
इस्पेक्टर ब्लैकी भालू ने जंपी सियार को गिरफ्तार करके जेल भेंज दिया.
उस दिन से मड आइलैंड में चोरियां बंद हो गई.

No comments:

Post a Comment

Note: Only a member of this blog may post a comment.

बच्चों की जासूसी कहानी || कंपनी में चोरी

  #baccho_ki_kahani #jasoosi_kahani #hindi_kahan iya Bachcho Ki Jasoosi Kahani || Company Mein Choree बच्चों की जासूसी कहानी || कंपनी में चो...