LIB Police Kya Hai, Prerak Kahani, Apeksha Mazumdar - Hindi Story - moral stories in hindi

Dec 15, 2020

LIB Police Kya Hai, Prerak Kahani, Apeksha Mazumdar

LIB Police Kya Hai, Motivational Story In Hindi,motivational stories for employees,Prerak Kahani,Prerak Kahaniya,


LIB Police Kya Hai एल आई बी पुलिस क्या है?


नंदू दूध बेचने का धंधा करता था. उसके पास एक गाय थी, जो पांच लीटर दूध देती थी. 

नंदू दूध बेचने के लिए सतपुड़ावन की नई कालोनी चमनबाग के पोपट अपार्टमेंट में जाता था. उसका सारा दूध वहीं बिक जाता था. 

पोपट अपार्टमेंट के सारे फ्लैट अभी भरे नहीं थे. फ्लैट में रहने के लिए जैसेजैसे लोग आते गए, उन्होंने नंदू से दूध लेना शुरू कर दिया. 

नंदू को अब पहले से अधिक दूध के आर्डर मिलने लगे.


नंदू के पास इतना दूध नहीं था कि सभी को दूध दे सकें. वह किसी दूसरे दूध वाले को भी यहां नहीं भेंजना चाहता था, ऐसे में उसकी दुकानदारी पर असर पड़ सकता था.

उसके मन में लालच आ गया. वह दूध में पानी मिलाकर देने लगा. इस तरह से नंदू को पहले से अधिक आमदनी होने लगी. 
नंदू पांच लीटर दूध में पांच लीटर पानी मिलाता था. दूध पतला होने पर लोग इसकी शिकायत करने लगे. नंदू उनसे कहता,‘‘दूध पसंद नहीं आता है तो बंद कर दो.’’

लोगों को नंदू से दूध लेने की मजबूरी थी. क्योंकि उनकी कालोनी अभी अभी बनी थी, और वह मार्केट से काफी दूर होने की वजह से वहां कोई दूसरा दूध वाला नहीं आता था.



नंदू कहीं दूध देना न बंद कर दें, इसलिए लोगों ने शिकायत करना भी बंद कर दिया. नंदू का साहस बढ़ गया.
नंदू को आसपास के नए अपार्टमेंट से भी दूध के आर्डर मिलने लगे थे. उसके मन मेंऔर अधिक लालच आ गया. अधिक से अधिक रूपये कमाने के लालच में नंदू नकली दूध बनाकर देने लगा.

5 लीटर दूध बेचने वाला नंदू अब 50 लीटर दूध की सप्लाई करने लगा था. पहले वह पैदल ही दूध देने जाता था. इसके बाद उसने साइकिल खरीद ली. अब वह हीरोहोण्डा मोटर साइकिल पर दूध देने के लिए जाने लगा.

उसने अपने कच्चे मकान को तोड़कर वहां महलनुमा बंगला बना लिया था. आसपास की काफी जमीन उसने खरीद ली. खेती बाड़ी के लिए उसने नौकर चाकर भी रख लिए थे.

खेत की जुताई के लिए टैक्ट्रर ले लिया था. खुद के घुमने के लिए मंहगी कार भी खरीद ली. 


LIB Police Kya Hai

 
एक दिन नंदू के यहां छापा पड़ा. नकली दूध बेचने के आरोप में उसे गिरफ्तार कर लिया गया. उसकी सारी संपत्ति, कार, ट्रैक्टर, मोटर साइकिल, बैंक में जमा पैसा सब कुछ जब्त कर लिया गया. बैंक के लेन-देन पर भी रोक लगा दिया गया.

नंदू ने छापा मारने वाले पुलिस अधिकारी से पूछा, ‘‘मैं नकली दूध बेचता हूं इस बारे में दूध पीने वालों को आज तक पता नहीं चल सका फिर आपको कैसे पता चला कि मैं नकली दूध बेचता हूं.’’




अधिकारी ने कहा, ‘‘प्रशासन व्यवस्था में एक तरह की पुलिस होती है जो सिविल ड्रेस में रहती है. उन्हें एलआईबी पुलिस यानी लोकल इन्फामेंशन ब्यूरो पुलिस कहां जाता है. एलआईबी पुलिस इस बात का पता लगाती है कि कौन गलत काम कर रहा है, भष्ट्राचार में कौन लिप्त है. इन सबके बारे में मालूम होते ही उस पर कड़ी निगाह रखीं जाती है. पूरी रिर्पोट मिलने के बाद उसके यहां छापा मारा जाता है.

हमें जानकारी मिली थी कि तुम्हारे पास एक ही गाय है. उसने भी कुछ दिन पहले दूध देना बंद कर दिया हैं. इसके बावजूद तुम्हारे दूध बेचने का धंधा बंद नहीं हुआ. खोजबीन करने पर पता चला कि तुम नकली दूध बना कर बेच रहे हो.’’

‘‘एलआईबी पुलिस हर किसी पर निगाह रखती है. चाहे वह अमीर हो या गरीब. सभी के अच्छे व बूरे सारे कार्यो की जानकारी उसके पास होती है. उनकी निगाह से कोई नहीं बच सकता है. समझे.’’

‘‘हां, समझ गया. पुलिस की नजर से कोई भी अपराधी नहीं बच सकता है.’’ नंदू ने कहा.

No comments:

Post a Comment

Note: Only a member of this blog may post a comment.

Pages