Baccho ki Kahani : champak bank mai chori | Hindi Kahaniya - Prerak Kahani

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Apr 11, 2020

Baccho ki Kahani : champak bank mai chori | Hindi Kahaniya

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प्रेरक कहानियां : champak bank mai chori | Hindi Kahaniya | चंपक बैंक में चोरी


इंस्पेक्टर गैंडामल अभी-अभी अपने आफीस में आकर बैठे थे. तभी वहा लगा चंपक बैंक का अलार्म बजने लगा. अलार्म की आवाज सुनकर पुलिस थाने में भगदड़ मच गई. क्योंकि अलार्म बजने का मतलब था चंपक बैंक में डाका पड़ना.

गैंडामल अपने सहयोगी चुन्नी चुहिया के साथ तुरन्त चंपक बैंक पहुंचे. उनके वहां पहुंचने से पहले ही चोर बैंक लुट कर जा चुके थे.

गैंडामल ने तुंरत वायरलेस द्वारा इसकी सूचना राजा शेरसिंह को दी. राजा शेरसिंह ने सारे रास्ते सील करने का आदेश दिया. आदेश पाकर गैंडामल ने जंगल के सभी रास्तों को सील कर दिया और आने-जाने वाली सभी गाड़ियों की चेकिंग शुरू कर दी.

गाड़ियों की चेकिंग के बावजूद चोर का कुछ पता नहीं चला. बैंक के अंदर-बाहर सीसी कैमरे लगे हुए थे. गैंडामल ने बैंक में लगे एक-एक कैमरे का निरीक्षण किया तो उनके आश्चर्य का ठिकाना नहीं था. क्योंकि सभी कैमरे के सिस्टम में खराबी आ गयी थी.



गैंडामल ने बैंक के आस-पास लगे कैमरे का निरीक्षण इस उम्मीद से किया कि हो सकता है उनसे चोरों का कुछ पता चले, लेकिन वे भी बंद थे.

यह देखकर गैंडामल का माथा ठनका. उन्होंने मन ही मन सोचा, ‘बैंक में चोरी करने वाले कोई मामूली चोर नहीं है. इन चोर को टेक्नोलाॅजी की काफी जानकारी है. तभी तो उन्होंने सभी कैमरों को एक साथ खराब कर दिया है. इन्होंने जानबूझ कर ऐसा किया है जिससे पुलिस को उनके बारे में कोई जानकारी न मिल सकें.

गैंडामल ने इस सप्ताह चंपकवन में आने वाले सभी जानवरों की सूची मंगवाई. सूची में नामों को पढ़ते हुए गैंडामल एक बार फिर चैंक गया.

उन्होंने चुन्नी को सूची दिखाते हुए कहा, ‘‘मुझे बैडी सियार की पूरी जानकारी तुरन्त चाहिए.’’

चुन्नी चुहिया कुछ ही देर में गैंडामल के पास आकर बोली, ‘‘सर, बैडी सियार पास के वन में पांच साल की सजा काट कर अभी-अभी जेल से छुटा है.’’

‘‘चंपक बैंक में उसी ने चोरी की है.’’ गैंडामल ने विश्वास के साथ कहा.

‘‘आप इतने विश्वास के साथ कैसे कह सकते हैं, सर.’’ चुन्नी ने पूछा.

‘‘बैडी सियार का जेल से छुटना, उसका चंपकवन में उपस्थित होना, बैंक में चोरी, सीसी कैमरे का काम न करना, ये सभी बातें एक दूसरे से जुड़ी हुई हैं.’’ गैंडामल ने कुछ सोचते हुए कहा.

‘‘लेकिन इन सभी से यह तो सिद्ध नहीं होता कि यह चोरी बैडी ने ही की हैं?’’ चुन्नी ने पूछा.

‘‘सिद्ध होता है क्योंकि बैडी बड़ी ही होशियारी से इन सब कामों को अंजाम देता है. बहुत बुद्धिमान है लेकिन वह अपने दिमाग का उपयोग हमेशा गलत कामों में लगाता है.’’



चंपक बैंक में चोरी हुए कई दिन बीत गए लेकिन पुलिस अभी तक उनके बारे में कुछ पता नहीं लगा पायी थी. गैंडामल अपनी सहयोगी के साथ चोरों को ढुढ़ने में दिन रात लगे हुए थे.

एक दिन गैंडामल अपने आफीस में बैठे अपने सहयोगी चुन्नी से विचार विर्मश कर रहे थे, तभी उसका मोबाइल बज उठा.

गैंडामल ने फोन आन किया तो दुसरी ओर से किसी की आवाज आयी, ‘‘सर, यहां पांच सितारा होटल में बैठा गिल्लू सियार वेटरों को हजार-हजार के नोट बांट रहा है.’’

‘‘तुम उसे वहां से जाने मत देना, मैं अभी वहां पहुंच रहा हूं.’’ कहते हुए कुर्सी से उठ गया. उसने चुन्नी से कहा, ‘‘चलो हमें चोर का पता चल गया है.’’

दोनों पांच सितारा होटल पहुंचे. गिल्लू सियार वहां उपस्थित जानवरों को हजार-हजार रूपये के नोट दिखा रहा था. इंस्पेक्टर को देखकर गिल्लू की सिटीपिटी गुम हो गयी. उसने जल्दी से रूपये अपने जेब में रखें और वहां से जाने लगा.

गैंडामल ने उसे रोकते हुए कहा, ‘‘इतनी भी जल्दी क्या हैं, जरा हमें भी तो रूपये दिखाओ.’’

‘‘मेरे पास कोई रूपये नहीं है. मैं तो वैसे ही मजाक कर रहा था.’’ गिल्लू ने कहा.

गैंडामल ने उसकी एक नहीं सुनी और उसे पकड़ कर पुलिस स्टेशन ले आए.

‘‘साहब, मैंने कुछ नहीं किया है.’’ गिल्लू ने रोते हुए कहां.

‘‘लेकिन बैडी ने तो तुम्हारा नाम बताया हैं.’’ गैंडामल ने अंधेरे में अपना तीर चलाया.

‘‘बैडी ने, लेकिन वह तो माइकल बिल्ला के घर पर हैं.’’गिल्लू ने आश्चर्य से कहा.

‘‘हां, हमने दोनों को गिरफ्तार कर लिया हैं और अब वे दोनों जेल में हैं. उन्होंने तुम्हारा नाम लिया हैं.’’ गैंडामल ने मन ही मन खुश होते हुए कहां. क्योंकि उनका चलाया हुआ तीर ठीक निशाने पर लगा था.



‘‘लेकिन साहब, मैं अकेला नहीं था. मैं तो चोरी भी नहीं करना चाहता था, लेकिन बैडी ने रूपये का लालच दिया तो मैंने उसका साथ देने के लिए तैयार हो गया.’’ गिल्लू ने कहा.

गैंडामल ने गिल्लू को जेल में बंद कर दिया और दलबल के साथ बैडी और माइकल को पकड़ने के लिए उसके घर के लिए रवाना हो गए.
पुलिस को देखकर दोनों वहां से भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया.

गैंडामल ने बैडी से कहां, ‘‘तुम अपने दिमाग का उपयोग सही कामों में लगाओगे तो तुम्हारा नाम भी होगा और दौलत भी कमा सकते हो.’’

बैडी ने गैंडामल से वादा किया, वह जेल से छूटने के बाद अपना दिमाग अच्छे कामों में लगाएगा.






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