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LIB Police Kya Hai, Prerak Kahani, Apeksha Mazumdar

LIB Police Kya Hai एल आई बी पुलिस क्या है? नंदू दूध बेचने का धंधा करता था. उसके पास एक गाय थी, जो पांच लीटर दूध देती थी.  नंदू दूध बेचने के लिए सतपुड़ावन की नई कालोनी चमनबाग के पोपट अपार्टमेंट में जाता था. उसका सारा दूध वहीं बिक जाता था.  पोपट अपार्टमेंट के सारे फ्लैट अभी भरे नहीं थे. फ्लैट में रहने के लिए जैसेजैसे लोग आते गए, उन्होंने नंदू से दूध लेना शुरू कर दिया.  नंदू को अब पहले से अधिक दूध के आर्डर मिलने लगे. नंदू के पास इतना दूध नहीं था कि सभी को दूध दे सकें. वह किसी दूसरे दूध वाले को भी यहां नहीं भेंजना चाहता था, ऐसे में उसकी दुकानदारी पर असर पड़ सकता था. उसके मन में लालच आ गया. वह दूध में पानी मिलाकर देने लगा. इस तरह से नंदू को पहले से अधिक आमदनी होने लगी.  नंदू पांच लीटर दूध में पांच लीटर पानी मिलाता था. दूध पतला होने पर लोग इसकी शिकायत करने लगे. नंदू उनसे कहता,‘‘दूध पसंद नहीं आता है तो बंद कर दो.’’ लोगों को नंदू से दूध लेने की मजबूरी थी. क्योंकि उनकी कालोनी अभी अभी बनी थी, और वह मार्केट से काफी दूर होने की वजह से वहां कोई दूसरा दूध वाला नहीं आता था. नंदू कहीं दूध देन

motivational stories for students सुनी सुनाई बातों पर विश्वास न करें

सुनी सुनाई बातों पर विश्वास न करें गर्मी की छुट्टी में राहुल अपने नाना के गांव सारणी गया। वहां उसे गांव में पहले की अपेक्षा काफी परिवर्तन नज़र आया। जहां-तहां भजन कीर्तन हो रहे थे। उसने नानी से पूछा, ‘‘गांव में यह परिवर्तन कैसे हुआ?’’ नानी ने कहा, ‘‘गांव में एक बहुत पहंुचें हुए सिद्ध पुरूष आए है। उनके ही आर्शीवाद का फल है कि गांव में परिवर्तन हुआ हैं।’’ ‘‘सिद्ध पुरूष .....’’ राहुल कुछ पूछता कि नानी ने उसे समझाते हुए कहा, ‘‘देखों, उनके बारे में कुछ अनाप-शनाप न कहना। इससे हमारा अनर्थ हो जायेगा।’’ राहुल को इन साधु-महात्माओं का ढ़ोग अच्छा नहीं लगता था। उसके अध्यापक ने बताया था कि ये साधु-महात्मा सीधे-सादे लोगों को बेवकूफ बनाकर लुटते हैं। इनके पास कोई भी देवीय शक्ति नहीं होती है। वे केवल छोटे-मोटे हाथ की सफाई दिखाकर तथा लोगों को भय दिखाकर अपना प्रभाव जमा लेते है। शाम के समय राहुल भी अपने नानी के साथ साधु के आश्रम में गया। वहां उसने देखा, एक बड़े से चबूतरे पर एक हट्टा-कट्टा नव जवान बैठा हुआ हैं। उसके पास पहुंच कर नानी ने उसके चरण स्पर्श किए और राहुल को भी प्रणाम करने का इशारा किया। ‘‘मह

Short story on great leaders and their moral stories | Prerak Kahani

  Short story on great leaders and their moral stories | Prerak Kahani यह घटना उस समय की है जब सरदार वल्लभ भाई छठवीं कक्षा में पढ़ते थे। उनके स्कूल में एक अध्यापक बहुत ही गुस्से मिजाज के थे। वे बात-बात पर बच्चों को अकारण ही छड़ी से मारते थे। स्कूल के अन्य शिक्षकों ने भी उस अध्यापक से इस तरह बच्चों को मारने से मना किया, लेकिन अध्यापक को इसका कोई असर नहीं हुआ। एक दिन अध्यापक ने निर्दोष विद्यार्थी को बेवजह दंड दे दिया। उन्होंने छड़ी से उस लड़के की खूब पिटाई की। यह देखकर वल्लभ भाई पटेल को गुस्सा आ गया। उन्होंने स्कूल के सभी विद्यार्थी को एकत्रित किया और उस अध्यापक के खिलाफ कार्यवाही करने का निश्चय किया। उन सभी ने कसम खाई की जब तक अध्यापक अपने किए के लिए माफी नहीं मांग लेंगे कोई भी विद्यार्थी स्कूल नहीं जाएगा। विद्यार्थियों ने स्कूल जाना बंद कर दिया। स्कूल के सभी अध्यापकों, प्रधानाचार्य व समिति के सदस्यों ने पूरी कोशिश की कि विद्यार्थी फिर से स्कूल आने लगे, लेकिन विद्यार्थी टस से मस नहीं हुए।  उन्होंने साफ-साफ कह दिया कि जब तक  अध्यापक बच्चों से वादा नहीं करेंगे कि स्कूल में बेवजह किसी

Prerak Kahani : true motivational stories in hindi | अच्छे नागरिक होने का फर्ज निभाएं

Achchhe Naagarik Hone Ka Pharj Nibhaen | अच्छे नागरिक होने का फर्ज निभाएं राहुल दूर दराज के एक गांव में अपने माता-पिता के साथ रहता था। राहुल को पढ़ने का बहुत शौक था।  राहुल के गांव में कोई स्कूल नही था, इसीलिए वह अपने गांव से दो किलोमीटर एक कस्बे में पढ़ने के लिए जाता था।  राहुल रोजाना अपने गांव से अकेले ही स्कूल पढ़ने जाता था। वह रेलवे पटरी के किनारे बनी पगड़डी से उछलते-कूदते स्कूल आता जाता था। घर से स्कूल आते-जाते अक्सर राहुल पटरी पर से गुजरते ट्रेनों को देखा करता था। वह ट्रेन में सवार लोगों को हाथ हिलाकर टा-टा करके अपनी खूशी जाहिर करता था। यात्रियों को देखकर वह मन ही मन सोचता, ‘एक दिन मैं भी बड़ा होकर ट्रेन में बैठूगा।’ यात्रियों को टाटा करना राहुल का रोज का नियम सा बन गया था। इससे उसकी थकान भी दूर हो जाती और ट्रेन में सवार लोगों को देखकर उसमें पढ़ने का जुनून सवार हो जाता था और वह खूब मन लगा कर पढ़ता। राहुल पढ़ाई में तेज था। सर्दी, गर्मी या बरसात वह रोज स्कूल जाता था। वह स्कूल से कभी भी छुटटी नहीं लेता था। उसके सहपाठी और स्कूल के टीचर सभी उसे बहुत प्यार करते थे। एक दिन राहुल ने अ

Prerak Kahani : vipatti ke samay dhairy nahin khona chaahie

Prerak Kahani : vipatti ke samay dhairy nahin khona chaahie | विपत्ति के समय धैर्य नहीं खोना चाहिए विपत्ति व परेशानी के समय अपना धैर्य नहीं खोना चाहिए और उससे बचने का उपाय सोचना चाहिए। जीवन में आने वाली बाधाएं हमें संघर्ष करने, मुसीबतों से लड़ने और आगे बढ़ने का हौसला देती हैं। बाधाओं से घबराने की बजाय उसका दृढ़तापूर्वक मुकाबला करना चाहिए, क्योंकि दृढ़ इच्छा शक्ति हमेशा जीतती हैं और बाधाएं हारती हैं। राकेश शर्मा ऑफीस जाते समय अपने बेटे बंटी को कार द्वारा स्कूल सेे कुछ दूर एक मोड़ के पास छोड़ कर स्वयं वहां से ऑफीस चले जाते थे।  एक दिन बंटी कार से उतर कर कुछ ही कदम चला था कि उसके पास एक कार आकर रूकी। कार की पिछली सीट पर बैठे एक व्यक्ति ने उसे एक विजिटिंग कार्ड दिखाते हुए पूछा, ‘‘बेटा ... यह कहां पर हैं?’’ बंटी ने कार्ड को गौर से पढ़ा। उस पर डिजनी शोरूम का पता लिखा था। बंटी अपने पापा के साथ उस शो रूम में कई बार खिलौने खरीदने गया था, इसलिए उसे उस शोरूम का रास्ता अच्छी तरह से पता था। बंटी ने उस व्यक्ति को रास्ता समझाने की कोशिश की, लेकिन उस व्यक्ति को ठीक से समझ में नहीं आया।  उसने कहां, ‘

Value the words of the leader | English Moral Stories

Value the words of the leader | English Moral Stories  There was a mango tree on the banks of river Tawa in Satpudavan. There used to be a flock of pigeons on that mango tree. Pigeon, the king of pigeons, was very intelligent and intelligent. In the same forest there lived a dagger jackal named Jaggu. He was smart and lazy by nature. He used to eat small animals by fooling them. Gradually all the animals had come to know about this. He used to change his path as soon as he saw Jaggu Jackal. In this way Jaggu jackal now had to stay hungry for many days. One day Jaggu reached the banks of the river Tava wandering in search of food. He had a bad condition with hunger. He filled his stomach after drinking water from the river and went to rest under a mango tree. Seeing the pigeons on the mango tree, he thought in his mind, if I catch these pigeons, then there will be no wanderings for food for many days. As soon as this idea came, he started thinking about catching pigeons. A

Prerak Kahani : samasya ko jad se samapt karen | समस्या को जड़ से समाप्त करें | new motivational story

Short story with amazing beginnings with examples Prerak Kahani : samasya ko jad se samapt karen | समस्या को जड़ से समाप्त करें सतपुड़ावन के राजा शेरसिंह जब मुक्ता झील के पास घुमने पहुंचे तो वहां पर उन्हें एक नई चीज़ देखने को मिली। उन्होंने उसे उठा लिया और अपने मंत्री चतुरानंद चीता को दिखाकर पूछा, ‘‘यह क्या हैं? मंत्री चतुरानंद चीता ने उस चीज को बड़े गौर से देखा, लेकिन उसकी समझ में भी कुछ नहीं आया।  शेरसिंह ने चतुरानंद चीता को इसके बारे में शीध्र पता लगाने का आदेश दिया। मंत्री चतुरानंद चीता ने तुरंत अपने जासूस मोती कुत्ता को इस काम में लगा दिया। मोती ने जल्दी ही इसके बारे में पूरी जानकारी एकत्र कर ली और अपनी पूरी रिर्पोट चतुरानंद को सौंप दी। चतुरानंद चीता ने रिर्पोट पढ़ते हुए शेरसिंह से कहा, ‘‘महाराज, वह चीज़ कुछ दिन पहले ही सतपुड़ा वन में घुमने आये कुछ शहरी लोगों द्वारा फैंकी गयी है। उस चीज़ के बारे में अधिक जानकारी एकत्र करने के लिए हमारा जासूस मोती शहर गया था। वहां से लौट कर उसने बताया कि यह एक पोलीथिन है। शहर में लोगों के लिए यह एक महत्वपूर्ण वस्तु है। आजकल शहर में लोग कपड़े के थै